Wednesday, December 24, 2025

दिल्ली की हवा: जब साँस लेना भी आसान नहीं रहता

 

जब आज की खबरें हमारी ज़िंदगी से टकराती हैं

हर दिन कोई न कोई खबर चलती है, लेकिन कुछ खबरें ऐसी होती हैं जो सिर्फ न्यूज़ नहीं रहतीं।
वे हमारी साँसों, हमारे डर और हमारी उम्मीदों से जुड़ जाती हैं।
आज की ये तीन खबरें भी कुछ ऐसी ही हैं।



दिल्ली की सर्द सुबह अब सिर्फ ठंड की वजह से नहीं जानी जाती।
हवा में एक भारीपन है, जो आँखों में जलन और सीने में बोझ बनकर उतर जाता है।

सुबह टहलने निकले बुज़ुर्ग जल्दी घर लौट आते हैं।
माँ अपने बच्चे को बाहर खेलने से रोक देती है।
ऑफिस जाने वाला आदमी सोचता है — “आज फिर वही हवा…”

यह सिर्फ मौसम की बात नहीं है,
यह हर उस इंसान की कहानी है जो रोज़ इस शहर में जीने की कोशिश करता है

यहाँ हवा दिखाई नहीं देती,
लेकिन उसका असर हर चेहरे पर दिख जाता है।

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